बिहार सरकार ने सूबे भर में बालू के खनन पर एक जनवरी से रोक लगा दी है फिलहाल बिहार में गंगा बालू या लाल बालू का खनन कहीं नहीं होगा.
नव वर्ष के आगमन पर बिहार सहित पूरा देश खुशियां मनाएगा वहीं नये साल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तेज गति से चल रही विकास की गाड़ी पर ब्रेक लग जाएगा. राज्य सरकार ने सूबे भर में बालू के खनन पर एक जनवरी से रोक लगा दी है. बालू की नयी बंदोबस्ती होने या सरकार द्वारा नया आदेश दिये जाने तक अब बिहार में गंगा बालू या लाल बालू का खनन कहीं नहीं होगा.
खनन पर रोक लगने से सड़क, पुल पुलिया एवं भवनों के निर्माण पर रोक लग जाएगी. नीतीश के विकास के सपने पर ब्रेक लग जाएगा.
बालू की निकासी पर रोक लगने से बिहार चल रहे हजारों करोड़ की योजनाएं ठप हो जाएंगी. सड़क एवं पुल-पुलियों कानिर्माण कार्य बंद हो जाएगा. लाखों मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे और राज्य सरकार को एक हजार करोड़ से ज्यादा के राजस्व की हानि होगी.
खान एवं भूतत्व विभाग के अपर सचिव घनश्याम प्रसाद दफ्तुआर ने कहा कि बालू खनन की बंदोबस्ती 31 दिसम्बर तक ही दी गयी थी. न्यायालय के आदेश के कारण सरकार ने बालू के खनन पर रोक लगायी है. इससे विकास कार्य बाधित तो होगा ही, किंतु न्यायालय का आदेश है.
विकास कार्य बाधित नहीं हो इसलिए सरकार इस मामले में विचार कर रही है. बहुत जल्द कोई निर्णय लिया जाएगा. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नई बालू नीति पर सवरेच्य न्यायालय में दीपक कुमार बनाम हरियाणा सरकार में दिनाक 12 फरवरी 2012 को दिये गये दिशानिर्देश के आलोक में खान एवं भूतत्व विभाग द्वारा मंत्री समूह के मार्गदर्शन में नयी बालू नीति तैयार की गयी है.
वर्ष 2013 में बिहार राज्य के विभिन्न नदियों से बालू के उत्तोलन के लिए बालू घाटों की इकाइयों की नीलामी द्वारा बन्दोबस्ती हुई है. खान एवं भूतत्व विभाग द्वारा वर्ष 2007-08 से सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य से अधिक की वसूली की जा रही है.
वित्तीय वर्ष 2012-13 में निर्धारित लक्ष्य 470 करोड़ रुपये के विरुद्ध 499.27 करोड़ की वसूली की गई. वित्तीय वर्ष 2013-14 में 641 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है.
नव वर्ष के आगमन पर बिहार सहित पूरा देश खुशियां मनाएगा वहीं नये साल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तेज गति से चल रही विकास की गाड़ी पर ब्रेक लग जाएगा. राज्य सरकार ने सूबे भर में बालू के खनन पर एक जनवरी से रोक लगा दी है. बालू की नयी बंदोबस्ती होने या सरकार द्वारा नया आदेश दिये जाने तक अब बिहार में गंगा बालू या लाल बालू का खनन कहीं नहीं होगा.
खनन पर रोक लगने से सड़क, पुल पुलिया एवं भवनों के निर्माण पर रोक लग जाएगी. नीतीश के विकास के सपने पर ब्रेक लग जाएगा.
बालू की निकासी पर रोक लगने से बिहार चल रहे हजारों करोड़ की योजनाएं ठप हो जाएंगी. सड़क एवं पुल-पुलियों कानिर्माण कार्य बंद हो जाएगा. लाखों मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे और राज्य सरकार को एक हजार करोड़ से ज्यादा के राजस्व की हानि होगी.
खान एवं भूतत्व विभाग के अपर सचिव घनश्याम प्रसाद दफ्तुआर ने कहा कि बालू खनन की बंदोबस्ती 31 दिसम्बर तक ही दी गयी थी. न्यायालय के आदेश के कारण सरकार ने बालू के खनन पर रोक लगायी है. इससे विकास कार्य बाधित तो होगा ही, किंतु न्यायालय का आदेश है.
विकास कार्य बाधित नहीं हो इसलिए सरकार इस मामले में विचार कर रही है. बहुत जल्द कोई निर्णय लिया जाएगा. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नई बालू नीति पर सवरेच्य न्यायालय में दीपक कुमार बनाम हरियाणा सरकार में दिनाक 12 फरवरी 2012 को दिये गये दिशानिर्देश के आलोक में खान एवं भूतत्व विभाग द्वारा मंत्री समूह के मार्गदर्शन में नयी बालू नीति तैयार की गयी है.
वर्ष 2013 में बिहार राज्य के विभिन्न नदियों से बालू के उत्तोलन के लिए बालू घाटों की इकाइयों की नीलामी द्वारा बन्दोबस्ती हुई है. खान एवं भूतत्व विभाग द्वारा वर्ष 2007-08 से सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य से अधिक की वसूली की जा रही है.
वित्तीय वर्ष 2012-13 में निर्धारित लक्ष्य 470 करोड़ रुपये के विरुद्ध 499.27 करोड़ की वसूली की गई. वित्तीय वर्ष 2013-14 में 641 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है.
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