मंगलवार, 31 दिसंबर 2013

आतंकी निशाने पर बिहार के चार बड़े नेता

बिहार के चार बड़े नेता इंडियन मुजाहिद्दीन और सिमी के आतंकवादियों के निशाने पर हैं और इन पर कभी भी आतंकी हमला हो सकता है.

बिहार विधानसभा के अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, पूर्व उप मुख्य मंत्री सुशील कुमार मोदी, पूर्व मंत्री गिरिराज सिंह और रामाधार सिंह इंडियन मुजाहिद्दीन और सिमी के आतंकवादियों के निशाने पर है.


इन नेताओं पर जानलेवा हमला करने की योजना बनायी गयी है. आतंकवादियों के करतूत की भनक लगने के बाद पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश के सभी एसएसपी और एसपी को पत्र जारी कर क्षेत्र भ्रमण के दौरान उनकी सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखने का निर्देश दिया है.

वहीं सांसद सुशील कुमार सिंह, सांसद सीपी ठाकुर और गोह के विधायक रण विजय सिंह नक्सली संगठन निशाना बना सकते हैं.

बताया जाता है कि इन नेताओं ने नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग किये जाने को लेकर उग्रवादी संगठनों ने उन पर हमले की योजना बनायी है.

मुख्यालय से मिले गोपनीय पत्र के बाद एसएसपी सौरभ कुमार ने मंगलवार को जिले के सभी पुलिस पदाधिकारी के साथ थानाध्यक्ष को सचेत किया है.

पत्र में बताया गया है कि शिवहर जिला में नक्सलियों के अलावा आजाद हिंद सेना का भी प्रभाव है. पूर्व में आतंकी या उग्रवादी संगठन ने लैंड माइंस लगा कर या श्रंखला बद्ध बम विस्फोट कर और घात लगा कर विशिष्ट लोगों पर हमला किया है.

तीखे मोड़ और पुल-पुलियों के निकट आइइडी विस्फोटक पदार्थ पूर्व से छिपाये जाने की संभावना है. सुरक्षा के दृष्टिकोण से संदिग्ध स्थानों का एंटी सबोटेज जांच अनिवार्य है.

वहीं 2014 में लोकसभा चुनाव को देखते हुए इन माननीय का राजनैतिक कारणों से बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण का कार्यक्रम होगा, इसके लिए उन्हें विशेष सुरक्षा दिये जाने की आवश्यकता है. सभी अंचल के इंस्पेक्टर और थानाध्यक्ष को निर्देश दिया गया है कि वे सुरक्षा और विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे.

पीएमसीएच से नवजात बच्चे को चुरा ले गई महिला

पटना के पीएमसीएच से मंगलवार को एक नवजात बच्चे की चोरी हो गई. खास बात यह है कि बच्चा चुराने वाली महिला पहचान ली गई है.

राज्य के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच में मंगलवार को एक बार फिर बच्चा चोरी का मामला प्रकाश में आया है. बच्चा गायब होने की खबर सुनते ही मरीज के परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया.

पुलिस को खबर की गयी तथा मौके की नजाकत को देखते हुए अस्पताल के आलाधिकारी समेत एसएसपी मनु महाराज घटनास्थल पर पहुंच गए.

अस्पताल में लगे सीसीटीवी के फुटेज निकलवाए गए तथा बच्चा चुराने वाली महिला को चिह्नित कर लिया गया. पुलिस ने जल्द ही उसकी गिरफ्तारी की उम्मीद जतायी है. हालांकि खबर लिखे जाने तक बच्चे की बरामदगी नहीं की जा सकी थी.

इस संबंध में पीड़िता की मां ने पीरबहोर थाने में अज्ञात महिला के खिलाफ बच्चा चोरी का मामला दर्ज कराया है. थाना प्रभारी के मुताबिक मामले की छानबीन की जा रही है.

वार्ड में लगे सीसीटीवी के फुटेज की छानबीन की जा रही है. इस संबंध में जल्द ही पुलिस किसी नतीजे पर पहुंचेगी. मामला पीएमसीएच के प्रसूति विभाग का है.

समस्तीपुर जिले के डुमैनी गांव की पिंकी कुमारी प्रसव पीड़ा के बाद सोमवार की रात एक बजे पीएमसीएच में भर्ती हुई. उनके साथ पिता सोहारत पासवान तथा मां पार्वती देवी अस्पताल आई थी. वे समस्तीपुर के इन्वाड़ा गांव के रहने वाले हैं तथा बोरिंग रोड स्थित नेहरू नगर में रहते हैं.

पिंकी के पति श्रवण पासवान उड़ीसा में काम करते हैं. इस वजह से वह इन दिनों अपने पिता के साथ ही नेहरू नगर में रह रही थी.

अस्पताल में भर्ती होने के सवा घंटे बाद 2.15 बजे उसे नॉर्मल डिलेवरी से लड़का पैदा हुआ. प्रसव के कुछ ही देर बाद उसके पास एक अज्ञात महिला पहुंची. उक्त महिला ने पिंकी और उसकी मां से मेलजोल बढ़ाना शुरू कर दिया. धीरे-धीरे वह पिंकी की सेवा-टहल करने लगी.

इस तरह बच्चा चोर महिला उसकी मां और उससे काफी घुलमिल गयी. एकाध बार पिंकी की मां ने बच्चा चोर महिला से यह सवाल किया कि आप यहां क्या करने आयी हैँ. इस पर उक्त महिला ने कहा कि उसका भी मरीज यहां भर्ती है. पिंकी का बच्चा सामान्य तरीके से हुआ था. लिहाजा मंगलवार की सुबह सात बजे के आसपास नर्स ने उसकी मां से पिंकी को डिस्चार्ज करा कर घर ले जाने को कहा.

इसके बाद नर्स ने एक पेपर पिंकी की मां को देकर बोली कि जाकर डिस्चार्ज पेपर तैयार करायें. पिंकी की मां बच्चे को उक्त महिला की गोद में देकर डिस्चार्ज पेपर बनवाने चली गयी. आधे घंटे के बाद जब पेपर तैयार कर पिंकी की मां लौटी तब तक उक्त महिला बच्चा को लेकर चंपत हो गयी थी.

बिहार में विकास की गाड़ी पर ब्रेक, बालू का खनन बंद

बिहार सरकार ने सूबे भर में बालू के खनन पर एक जनवरी से रोक लगा दी है फिलहाल बिहार में गंगा बालू या लाल बालू का खनन कहीं नहीं होगा.

नव वर्ष के आगमन पर बिहार सहित पूरा देश खुशियां मनाएगा वहीं नये साल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तेज गति से चल रही विकास की गाड़ी पर ब्रेक लग जाएगा. राज्य सरकार ने सूबे भर में बालू के खनन पर एक जनवरी से रोक लगा दी है. बालू की नयी बंदोबस्ती होने या सरकार द्वारा नया आदेश दिये जाने तक अब बिहार में गंगा बालू या लाल बालू का खनन कहीं नहीं होगा.

खनन पर रोक लगने से सड़क, पुल पुलिया एवं भवनों के निर्माण पर रोक लग जाएगी. नीतीश के विकास के सपने पर ब्रेक लग जाएगा.

बालू की निकासी पर रोक लगने से बिहार चल रहे हजारों करोड़ की योजनाएं ठप हो जाएंगी. सड़क एवं पुल-पुलियों कानिर्माण कार्य बंद हो जाएगा. लाखों मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे और राज्य सरकार को एक हजार करोड़ से ज्यादा के राजस्व की हानि होगी.

खान एवं भूतत्व विभाग के अपर सचिव घनश्याम प्रसाद दफ्तुआर ने कहा कि बालू खनन की बंदोबस्ती 31 दिसम्बर तक ही दी गयी थी. न्यायालय के आदेश के कारण सरकार ने बालू के खनन पर रोक लगायी है. इससे विकास कार्य बाधित तो होगा ही, किंतु न्यायालय का आदेश है.

विकास कार्य बाधित नहीं हो इसलिए सरकार इस मामले में विचार कर रही है. बहुत जल्द कोई निर्णय लिया जाएगा. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नई बालू नीति पर सवरेच्य न्यायालय में दीपक कुमार बनाम हरियाणा सरकार में दिनाक 12 फरवरी 2012 को दिये गये दिशानिर्देश के आलोक में खान एवं भूतत्व विभाग द्वारा मंत्री समूह के मार्गदर्शन में नयी बालू नीति तैयार की गयी है.

वर्ष 2013 में बिहार राज्य के विभिन्न नदियों से बालू के उत्तोलन के लिए बालू घाटों की इकाइयों की नीलामी द्वारा बन्दोबस्ती हुई है. खान एवं भूतत्व विभाग द्वारा वर्ष 2007-08 से सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य से अधिक की वसूली की जा रही है.

वित्तीय वर्ष 2012-13 में निर्धारित लक्ष्य 470 करोड़ रुपये के विरुद्ध 499.27 करोड़ की वसूली की गई. वित्तीय वर्ष 2013-14 में 641 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है.