पासवान को चाहिए 42 सीटें
बिहार विधानसभा चुनाव में लेकर सीट बंटवारे को लेकर एनडीए में रूठने-मनाने का खेल चल रहा है. रूठ पासवान माने तो मांझी रूठ गए अब मांझी माने तो फिर पासवान रूठ गए हैं.
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए में सीट बंटवारे के मुद्दे पर सहमति बन गई लेकिन रूठने-मनाने का खेल खत्म नहीं हो रहा है. एलजेपी सुप्रीमो रामविलास पासवान एक बार फिर नाराज हो गए हैं.
पासवान सीट बंटवारे से पहले भी नाराज हो चुके हैं. कहा जा रहा है कि उन्हें मनाने के लिए मंगलवार को भाजपा के सीनियर लीडर धमेंद्र प्रधान उनके घर पहुंचे हैं.
खबर है कि सीट बंटवारे के बाद एलजेपी मंगलवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाली है. बताया जा रहा है कि भाजपा के सामने पासवान की पार्टी सीटों को लेकर नई मांग रख सकती है.
सूत्रों के मुताबिक एनडीए के घटक दलों के बीच सीटों के मैत्रीपूर्ण बंटवारे का समझौता होने के दावे के बावजूद रामविलास पासवान की पार्टी लोजपा को 40 सीटें आवंटित किए जाने को लेकर असंतोष का माहौल है.
पार्टी सूत्रों के अनुसार, एनडीए की ओर से सीट बंटवारे का ऐलान किए जाने से लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान नाराज बताए जा रहे हैं. उनकी पार्टी को 40 सीटें मिली हैं, लेकिन वे 42 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करना चाहते हैं. हालांकि पासवान ने केवल 40 सीट मिलने के बाद पासवान ने भाजपा प्रेसिडेंट अमित शाह से मुलाकात भी की.
खबर के मुताबिक पासवान जीतन राम मांझी की पार्टी को 20 सीट दिए जाने से नाराज हैं. हालांकि सीट बंटवारे की घोषणा के तुरंत बाद रामविलास पासवान ने कहा था कि एनडीए में सीट बंटवारे के फॉर्मूले से हम लोग पूरी तरह से संतुष्ट हैं.
मालूम हो कि विधानसभा चुनाव को लेकर मांझी की पार्टी 'हम' को पहले 13-15 सीटों की पेशकश की गई थी लेकिन उनकी नाराजगी के बाद उन्हें 20 सीटें दी गई हैं.
इसके बाद जीतन राम मांझी ने कहा कि राज्य विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए एनडीए सहयोगियों के बीच हुए सीट बंटवारे से वह ‘पूरी तरह संतुष्ट’ हैं.
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